सोनू सूद का जीवन // रील लाइफ विलन -रियल लाइफ हीरो

सोनू सूद का जीवन // रील लाइफ विलन -रियल लाइफ हीरोसोनू सूद का जीवन

 

आज भारत में कोई ऐसा शख्स नहीं होगा जो सोनू सूद का नाम नहीं जनता होगा। सोशल मीडिया पर सोनू सूद के नाम के चर्चे जोरों पर हैं। हर सोशल नेटवर्किंग साइट पर सोनू की तारीफ में कहे जाने वाले शब्दों की बाढ़ सी आ गयी है। जिस तरह मुश्किल समय में  उन्होंने मजदूरों का हाथ थामा वो वाकया ही काबिले तारीफ है। आज हर तरफ सोनू सूद को दुआएं मिल रही हैं, क्यों के जिस काम को करने में सरकारें नाकाम रहीं सोनू ने वो कर दिखाया वो भी अपने अकेले के दम पर। सोनू अभी तक बसों और ट्रेनों के जरिये 15000 से ज्यादा मजदूरों को उनके घर भेज चुके हैं। लोग तरह तरह से उनसे मदद मांग रहे हैं। तो आईये जानते हैं  आज के इंटरनेट सनसनी सोनू सूद के बारे में कुछ और बातें।

 

जनम और परिवार

 

सोनू सूद का जनम 30 जुलाई 1973 को पटिआला ,पंजाब में उनके नाना के घर हुआ था और उनकी परवरिश मोगा में हुई। उनके पिता का नाम शक्ति सागर सूद है और उनकी माता का नाम श्रीमती सरोज सूद है। सोनू के पिता जी एक कपडे के व्यापारी हैं उनकी बॉम्बे क्लॉथ हॉउस नाम की दुकान है मोगा में और उनकी माता जी कॉलेज में प्रोफेसर थीं। सोनू की एक बहन उनसे बड़ी हैं जिनका नाम मोनिका सूद है और वे एक वैज्ञानिक हैं और एक बहन उनसे छोटी हैं जिनका नाम मालविका सचार है। सोनू ने अपनी स्कूल की पढाई सेक्रेड हार्ट स्कूल मोगा से की और उसके उन्होंने 11 वीं और 12 वीं कक्षा की पढाई डी.एम. कॉलेज मोगा से की जहाँ उनकी माता इंग्लिश की प्रोफेसर थीं। उसके बाद वो उच्च शिक्षा के लिए नागपुर आ गए । वहां सोनू ने यशवंत राओ चवण कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजिनियरिंग की पढ़ाई की।

 

शादी और करियर

 

जब सोनू कॉलेज में पढ़ रहे थे तभी उनकी मुलाक़ात सोनाली से हुई जो नागपुर में एम.बी.ऐ करने आयी थी तभी दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया और पढ़ाई खतम होने के बाद उन्होंने शादी करली उनके दो बच्चे हैं आयान सूद और ईशान सूद। कॉलेज के दिनों में ही उनके दोस्तों ने उन्हें मॉडलिंग और एक्टिंग में जाने की सलाह दी थी। नागपुर से वापिस आने के बाद वो थोड़ा बहुत टाइम अपनी कपडे की दुकान पर भी जाने लगे। हालाँकि सोनू नागपुर में फैशन शो और कॉलेज मुकाबलों में मॉडलिंग कर चुके थे पर अब उन पर एक स्टार बनने का भूत स्वर हो चुका था। उन्होंने अपनी माँ से पुछा के मैं एक्टिंग करना चाहता हूँ मुझे बस एक या दो साल दीजिये अगर में कुछ बन पाया तो ठीक नहीं तो फिर अपना बिजनस संभालेंगे।

 

थोड़ा टाइम दिल्ली में काम करने के बाद सोनू मुंबई आ गए और वहां हर जगह दफ्तरों में अपनी तस्वीरें देने लगे पर कुछ खास काम न बना। इसी तरह कोई छोटा मोटा विज्ञापन मिल जाता और काम चल जाता। सोनू सूद का जीवन शुरुवात में काफी संघर्षमय रहा, शुरू में वो मुंबई में एक कमरे के घर में 6 और लड़कों के साथ रहते थे. सोनू सूद बताते हैं की कमरे बस इतनी ही जगह थी की करवट लेने के लिए एक बार अपनी जगह से उठना पड़ता था. वो रोजाना जीवन यापन के लिए एक प्राइवेट फर्म में काम करते थे और फील्ड वर्क के लिए लोकल ट्रेन आना जाना पड़ता था रोज के किराये के लिए पैसे नहीं थे तो लोकल पास बनवा के सफर करते थे. हालाँकि उनके घर के हालात अच्छे थे वो घर से पैसे मंगवा सकते थे पर उन्होंने अपने लिए संघर्ष करने की ठानी. फिर एक दिन साउथ के को-आर्डिनेटर के साथ मुलाकात हुई और उसने सोनू को चेन्नई बुलाया। सोनू मुंबई से ट्रेन पकड़ कर चेन्नई पहुंचे और वहां को-आर्डिनेटर ने किसी डायरेक्टर से मिलवाया। सोनू की कद काठी और अच्छा शरीर देख कर उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट कर लिया और इस तरह सोनू ने तमिल फिल्म “कालहज़गार” से अपनी फ़िल्मी करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में उन्होंने सौम्य नारायणन का किरदार निभाया था और इस के बाद सोनू सूद ने कभी पीछे मुड कर नहीं देखा। अभी हिंदी सिनेमा में उन्हें किसी ने नोटिस नहीं किया था फिर साल 2002 में फिल्म शहीद ऐ आज़म से उन्हें पहचान मिलने लगी। इसके बाद कभी तमिल , कभी तेलगु फ़िल्में मिलने लगी , साल 2004 में आई मल्टी स्टारर फिल्म युवा जिसमे सोनू ने अपने अभिनय से छाप छोड़ी। इसके बाद तो फिल्मों की जैसे लाइन लग गयी और सोनू सूद स्टार बन गए। आए दिन वो अपनी किसी न किसी फिल्म के लिए तारीफें या अवार्ड बटोरने लगे और अपने निभाए हर किरदार में उन्होंने जान डाल दी चाहे वो किरदार फिल्म जोधा अकबर का राजकुमार सुजामल हो या , सिंह इस किंग का किंग हो। फिल्म दब्बंग और अरुंधति से उन्होंने एक अलग पहचान कायम की और बता दिया की आज के जमाने में अगर बेस्ट विलन का किरदार कोई कर सकता है तो वो सोनू सूद ही है।

भारतियों के लिए ये बड़े गर्व की बात है की हमारा चहेता स्टार हॉलीवुड तक भी छा गया है। उनकी पहली अंगेरजी भाषिये फिल्म थी “रॉकिन मीरा” ये फिल्म 2006 में आयी थी। उसके बाद सिटी आफ लाइफ 2009 ,और कुंग फु योग 2017 में उन्होंने जैकी चैन के साथ काम करके तहलका मचा दिया था। उन्होंने इंग्लिश फिल्म दी लीजेंड आफ हरक्यूलिस के लिए हिंदी डबिंग भी की।

 

गरीबों के मसीहा

 

कोरोना के कहर के चलते लाखों मजदूर पैदल चल कर दूसरे राज्यों में अपने-अपने घर जाने को मजबूर थे. सोनू सूद का जीवन खुद संघर्ष में गुजरा था तो उन्होंने बताया के ये सब देख कर मुझे अपने दिन याद आ गए मैं रात सो नहीं सका ये सोच कर की सरे मजदूर भाई पैदल कैसे जायेंगे, तब सोनू सूद ने आगे आकर उनका हाथ थामा। पहले तो उन्होंने मुंबई में ही उनके खाने का हर बंदोबस्त किया पर बाद में जब सबने अपने घर जाना चाहा तो सोनू ने उनके घर जाने के लिए बसों का इंतज़ाम किया। उनके दुःख दर्द को समझते हुए सोनू ने वादा किया की जब तक वो आखरी प्रवासी भाई को उसके घर सही सलामत नहीं पहुंचा देंगे तब तक वे काम पे लगे रहेंगे। वो अब तक 15000 से ज्यादा मजदूरों को उनके घर भेज चुके हैं। उनकी दरियादिली तो इस बात से देखने लायक है की उन्होंने जैसे भी हो सका चाहे बसों से , चाहे ट्रेनों से और हाल ही में उन्होंने हवाई जहाज में बिठा कर मजदूरों को भेजा था।

जहाँ इस बात से हमें इतनी ख़ुशी हुई है वहां इस बात का दुःख भी है की सरकार जिनके लिए बसों का इंतज़ाम नहीं कर सकी उनके लिए पंजाब के शेर ने हवाई जहाज का इंतज़ाम तक कर दिया। दुःख हमे इस बात का और भी ज्यादा है की जो खुद एक पैसे की मदद नहीं कर सके उन्होंने अब सोनू पे ऊँगली उठाना शुरू कर दिया है।

 

सुनी अनसुनी

 

*  सोनू सूद का कद 6′ 2″ और वजन 80 किलोग्राम  है।

 

* सोनू सूद की इतनी सुन्दर बॉडी देखने के बाद कोई नहीं कहेगा के वो पूर्णत शाकाहारी हैं।

 

* सोनू सूद के पसंदीदा अदाकार अमिताभ बच्चन और सिल्वेस्टर स्टैलोन हैं।

 

* सोनू सूद की पसंदीदा अदाकारा श्री देवी हैं।

 

* सोनू सूद की पसंदीदा फिल्म दब्बंग है।

 

* सोनू सूद को आलू के परांठे बहुत पसंद हैं।

 

* सोनू सूद को किक बॉक्सिंग करना और जिम जाना बहुत पसंद है।

 

* सोनू सूद को गिटार बजाना अच्छा लगता है।

 

* सोनू सूद शराब और सिगरेट का सेवन नहीं करते।

 

* सोनू सूद अपने संघर्ष के दिनों में वो मुंबई में एक कमरे में 6 दूसरे लड़कों के साथ रहते थे।

 

* सोनू सूद अपने रोजाना के खर्च को उठाने के लिए एक प्राइवेट नौकरी किया करते थे।

 

* सोनू सूद ने प्राइवेट नौकरी में आने जाने के लिए बोरीवली से चर्च गेट तक लोकल ट्रेन में पास से सफर करते थे।

 

* सोनू सूद ने 5 अलग-अलग भाषाओं तमिल, तेलुगु, कन्नड़, हिंदी और इंग्लिश फिल्मों में काम किया है।

 

अगर आपके पास कोई और जानकारी या सुझाव है तो आप हमें कमेंट कर सकते है हम सुधार करते रहेंगे ।

 

READ MORE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!